[rev_slider_vc alias=”%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%9c”]

हमारी कार्य प्रणाली

विभिन्न कार्यक्रम

हमारे पास प्रोग्रामों की एक विस्तृत श्रेणी है जिनका केंद्र-बिंदु प्रत्येक व्यक्ति व समाज का मानसिक आध्यात्मिक विकास है। हमारे विषयों की थीम विस्तृत प्रकार से है, जैसे कि पारस्परिक संबंधों से लेकर विशेष गतिविधियों तक जैसे किसी घटना का सामना करना।

देखें। पढ़ें। सुनें।

हमारा सपना है कि हम एक ऐसे क्षेत्र का निर्माण करें जहां हर कोई अपने मानसिक स्वास्थ्य और सुखी जीवन के लिए शिक्षा, सुरक्षा और कौशल प्राप्त कर सके। इसे सक्षम बनाने के लिए, हम जानकारी को हिंदी व अंग्रेजी में विडियो, पाडकास्ट, ब्लॉग और आर्टिकल्स के रूप में लोगों तक पहुंचाते हैं।

आंकलन/मूल्यांकन करें

जब यह अनुमान लगाने की बात आती है कि आप मानसिक स्वास्थ्य की श्रेणी में किस स्थान पर हैं, तो ऐसे में सिर्फ अनुमान लगाना काफी नहीं। हमारे वैज्ञानिक संबंधी आत्म-मूल्यांकन असैसमेंट को प्रशिक्षित अनुभवी वैज्ञानिकों द्वारा बनाया गया है जिनसे आप अपने स्वास्थ्य को समझ उसका मूल्यांकन आसानी से कर सकते हैं।

सम्पूर्ण मानसिक कल्याण

मानसिक स्वास्थ्य मन की एक ऐसी दशा है जिसमें हम शांतिपूर्वक रहते हैं, अपनी क्रियाओं पर काबू रखते हैं और अपने समाज से जुड़े रहते हैं। मानसिक स्वास्थ्य पर विजय पाना बहुत ज़रूरी है क्योंकि यह हमारे जीवन के उतार चढ़ाव में हमारा साथ देता है।

किशोरावस्था

बच्चों के लिए किशोरावस्था कोई आसान समय नहीं है। शारीरिक व भावनात्मक परिवर्तनों के चलते, वह अपने जीवन में पहली बार अपने माता-पिता के मार्गदर्शन और संरक्षण के बिना बाहरी दुनिया का सामना करते हैं। इससे वह दबाव में आ सकते हैं और उनके दिमाग में एक हलचल पैदा हो सकती है। ऐसे में उन्हें परीक्षा के तनाव और छेड़छाड़ से लेकर किसी भी तरह के दुरूपयोग, भावनात्मक उथल-पुथल व आक्रामकता जैसी विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। एक आरोग्य किशोरावस्था के लिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कोई समझदार व्यक्ति हमेशा उनके आसपास रहे।

विस्तृत जानकारी

कार्यस्थल

व्यस्क लोगों का ज़्यादातर समय उनके कार्यस्थल पर ही बीतता है जहाँ वह तुलना करने, प्रदर्शन करने और आगे बढ़ने की चाह में अत्यधिक दबाव में आ सकते हैं। विशिष्ट रूप से, एक कार्यस्थल के वातावरण में विभिन्न लोग विभिन्न तरह की असमानताओं के बीच एक साथ काम करते हैं जिसके कारण अनजाने में कुछ मतभेद पैदा हो जाते हैं। कुछ लोगों को पक्षपात, उत्पीड़न, प्रेरणा में कमी और संचार में समस्याओं जैसे मामलों का भी सामना करना पड़ सकता है। इसलिए यह समझना ज़रूरी हो जाता है कि दिमाग को शांत रखने व उसका संतुलन बनाये रखने के लिए इन सबका सामना कैसे करें।

विस्तृत जानकारी

संबंध

पारस्परिक सम्बन्ध, खासकर के रोमांटिक संबंध, आमतौर पर वही सबसे अधिक पेचीदा और नाज़ुक रिश्ते होते हैं जो हम अपने जीवन में बनाते हैं। हर रिश्ते में उतार-चढाव तो लगे ही रहते हैं, ऐसे में यह समझना मुश्किल हो जाता है कि इन उतार-चढ़ावों का सामना किस प्रकार किया जाए। जैसा कि आप समझ सकते हैं कि लगभग हर कोई उम्मीदन कभी न कभी अपने जीवन में इस प्रकार के संबंध में हो सकता है, लेकिन अगर आपके पास यह कौशल है तो आप अपने संबंधों को बेहद खूबसूरत बना सकते हैं।

विस्तृत जानकारी

पेरेंटिंग

बच्चों की सही पेरेंटिंग करना एक बहुत बड़ी चुनौती होती है जो ज़िन्दगी हम को सौंपती है, वो भी बिना यह समझाए कि कैसे क्या करना है। बदलती दुनिया के साथ, हर नयी पीड़ी को कुछ नयी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है कि अपने बच्चों के पालन-पोषण का सही तरीका क्या है। हालांकि सभी माता-पिता अपना सर्वोत्तम प्रयास करना चाहते हैं, लेकिन कभी-कभी ऐसा करना मुश्किल हो जाता है, खासतौर पर अगर आपको पता ही ना हो कि आखिर आपके बच्चों के लिए क्या श्रेष्ठ है। असल में पालन-पोषण के विषय में कोई निर्देशित मानचित्र है ही नहीं, लेकिन फिर भी, कुछ सामान्य बातों को ध्यान में रखने से माता-पिता और बच्चों के बीच के सम्बन्ध को मज़बूत बनाया जा सकता है।

विस्तृत जानकारी

स्वाभाव का प्रबंधन

भावनाएं कोई वस्तु नहीं हैं जिन्हें हम किसी एक ही रूप में महसूस करते हैं। कभी-कभी किसी दिन हम ख़ुशी की हदें पार कर सकते हैं और उसी शाम उदासी महसूस कर सकते हैं। यह बिलकुल सामान्य है। हालांकि, कभी-कभी हमारा मूड बहुत ज्यादा अस्थिर हो सकता है या उसमें अत्यधिक बदलाव आ सकता है। ऐसा होने से हमारे प्रतिदिन के कामकाज में बाधाएं पैदा हो सकती हैं और यह हमारे निर्णय लेने की क्षमताओं को भी बिगाड़ सकता है। असल में प्रत्येक भावना को महसूस करने से ही हमारे जीवन में नए रंग भरते हैं, लेकिन समझना यह है कि समाज में बेहतर प्रदर्शन के लिए इसका कैसे उपयोग करना है।

विस्तृत जानकारी

विचारों का प्रबंधन

इंसान के दिमाग में एक दिन के अन्दर 60,000 करीब विचार उत्पन्न होते हैं। क्या आपको पता था कि आप इतना सोचते हैं? इन सभी विचारों के माध्यम से हमें खुद को बेहतर रूप से जानने में मदद भी मिलती है। हम अपनी प्रेरणाओं को समझना शुरू कर देते हैं और इस जागरूकता के साथ, हम अच्छे निर्णय लेना सीखते हैं। शुरुआत में यह थोडा मुश्किल लग सकता है, लेकिन अभ्यास करने से यह अन्य चीज़ों की तरह आसान लगने लगता है। सिर्फ अपने विचारों पर ध्यान देने से आपके जीवन पर काफी बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।

विस्तृत जानकारी

व्यक्तिगत विकास

व्यक्तिगत विकास में वह सारी गतिविधियाँ आती हैं जो आपकी जागरूकता और पहचान में सुधार लाती हैं, आपके हुनर व क्षमता को विकसित करती हैं, मानव पूँजी का निर्माण और रोज़गार की सुविधा प्रदान करती हैं, जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि लाती है और आपके सपनों व आकांक्षाओं के एहसास में योगदान देती हैं। हम हर दिन मनुष्य के रूप में बदल रहे हैं और विकसित हो रहे हैं। विकसित होना इस बात का सबूत है कि यह बदलाव एक सकारात्मक दिशा में हो रहा है।

विस्तृत जानकारी

स्वस्थ बुज़ुर्गावस्था

यह ज़रूरी नहीं है कि बढती उम्र एक बोझ हो और साथ ही इसका ये मतलब भी नहीं कि यह समाज में अपना योगदान देने के लिए किसी व्यक्ति की क्षमता को कम करती है। वृद्ध लोग शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर समाज का सक्रीय हिस्सा बन सकते हैं और एक उच्च व स्वतंत्र जीवन का आनंद ले सकते हैं। पोषण, व्यायाम, उपचार और जीवनशैली में निरंतर व लगातार विकल्पों द्वारा इसे हासिल करना बेहद आसान है।

विस्तृत जानकारी

मनोविज्ञान और आध्यात्म

मनोविज्ञान-आध्यात्मिकता हमारी चेतना, मन और शरीर का समागम है। यह उन तरीकों के बारे में बात करती है जो परंपरागत रूप से हमारे मानसिक और भावनात्मक कल्याण को प्रभावित कर सकते हैं।

विस्तृत जानकारी

आपके लिए ख़ास

माइंड स्पेशलिस्ट्स एक ऐसा मंच है जिसका निर्माण मानसिक स्वास्थ्य व कल्याण के विषय में निंदा करने वाली बातचीत को ख़त्म करने और प्रगतिशील जागरूकता फ़ैलाने के उद्देश्य से किया गया है। हमारा विश्वास है कि एक परिपूर्ण/संतुष्ट और समृद्ध जीवन के लिए दिमाग, शारीर और आत्मा का समग्र विकास बेहद महत्वपूर्ण है। हमारे लिए सबसे ज़रूरी है कि हम आपको मन से सम्बंधित सभी पहलुओं पर पहुँच, शिक्षा और मार्गदर्शन प्रदान करके इस संतुलन को प्राप्त करने में आपको खुद की ही मदद करने में सहायक बनें।

विस्तृत जानकारी

हमारे साथ जुड़िये

हम अपने प्रोग्राम्स के बारे में और अन्य मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता व स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का लगातार अपडेट करते रहते हैं। इन सबसे रूबरू रहने के लिए इस बेमिसाल और सशक्त कम्युनिटी से जुडें।

 

मानसिक बीमारी पर विजय

कभी कभी हम इतना हारा हुआ सा महसूस करते हैं कि कितने भी प्रयासों के बाद आगे बढ़ना मुश्किल सा लगता है। ऐसे दिनों में, हमारे लिए ये जानना ज़रूरी हो जाता है की आखिर इस तरह के बर्ताव का कारण क्या है, और किस तरह से हम इससे उभर कर बाहर आ सकते हैं.

विस्तृत जानकारी

हमारे कार्यक्रम

मानसिक स्वास्थ्य का मतलब सिर्फ बीमारी का अभाव नहीं है। यह एक पैमाना है। हम उस पैमाने पर जहां भी हों, हम हमेशा और बेहतर कर सकते हैं।

‘बेटर माइंडस’ इसी विचार से प्रेरित हमारा ख़ास कार्यक्रम है।

हमारे कार्यक्रम की प्रेरणा बहुत सरल है- हम चाहते हैं कि लोग आगे बढ़ें- चाहे इस समय वह कैसा भी महसूस कर रहे हों। हम आपके जीवन को प्रभावित करने वाले हर विषय के बारे में बात करते हैं- चाहे वह परीक्षाओं का तनाव हो, काम का तनाव या फिर हमारे निजी जीवन और रिश्तों में तनाव और आपको इन सबसे निपटने के तरीके सिखाते हैं, ताकि आप हर तरह से एक बेहतर मन और बेहतर जीवन पा सकें।

और पढ़ें


हमारे साथ जुडें

आपका सहयोग बहुमूल्य है! अगर आपको लगता है कि आप हमारे कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं, तो हमें लिखें!

 

विशेष वर्कशॉप्स

हम आपके संदर्भ के अनुसार विशेष कार्यक्रम तैयार करते हैं। यदि आप एक कंपनी, संस्था या संगठन हैं और चाहते हैं कि हम आपके लिए अपने प्रोग्राम के साथ वर्कशॉप या लाइव सेशन करें, तो हमसे संपर्क करें!

हमें लिखें

मनोवैज्ञानिक प्राथमिक चिकित्सा

जब हमारे समुदायों, देशों और दुनिया में भयानक चीजें होती हैं, तो हम उन लोगों को मदद का हाथ पहुंचाना चाहते हैं जो प्रभावित होते हैं। मनोवैज्ञानिक प्राथमिक चिकित्सा में गंभीर संकट की घटनाओं से पीड़ित मनुष्यों को मानवीय, सहायक और व्यावहारिक मदद शामिल है।

यह कुंजी उन लोगों के लिए लिखी गयी है जो एक बहुत ही परेशान करने वाली घटना का अनुभव करते हैं। यह उन तरीकों से लोगों के समर्थन के लिए एक रूपरेखा देता है जो उनकी गरिमा, संस्कृति और क्षमताओं का सम्मान करते हैं। इसके नाम के बावजूद, मनोवैज्ञानिक प्राथमिक चिकित्सा में सामाजिक और मनोवैज्ञानिक, दोनों प्रकार के समर्थन शामिल हैं।

शायद आपको किसी प्रमुख आपदा में मदद करने के लिए एक स्टाफ सदस्य या स्वयंसेवक के रूप में कहा जाता है, या आप अपने आप को एक दुर्घटना के दृश्य पर पाते हैं जहां किसी को चोट लगी है। शायद आप एक शिक्षक या स्वास्थ्य कर्मचारी हैं, जो अपने समुदाय में किसी ऐसे व्यक्ति के साथ बात कर रहे हैं, जिसने अभी किसी प्रियजन की हिंसक मृत्यु देखी है। यह मार्गदर्शिका आपको उन व्यक्तियों के लिए सबसे सहायक चीजों को जानने में मदद करेगी जो बहुत परेशान हैं। यह आपको जानकारी देगी कि कैसे किसी नयी परिस्थिति में आप खुद को और दूसरों को सुरक्षित रूप से मदद प्रदान करें, और कैसे अपने कार्यों से किसी को नुकसान न पहुंचाएं।

यह मार्गदर्शिका – विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा अनुमोदित – बेहद तनावपूर्ण घटनाओं के तत्काल बाद में लोगों को समर्थन देने के बारे में अंतर्राष्ट्रीय सहमति दर्शाती है।

कुंजी के अंग्रेजी संस्करण के लिए आप यह लिंक देख सकते हैं।

विश्व स्वास्थय संगठन के लिए Psychological First Aid: Guide for Field Workers (मनोवैज्ञानिक प्राथमिक चिकित्सा) का अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद करने का अनन्य अधिकार राहत चैरिटेबल एवं मेडिकल रिसर्च ट्रस्ट को दिया गया है। यह कुंजी बिना किसी भेदभाव के तथा निःशुल्क डाउनलोडिंग के लिए सबके लिए उपलब्ध है।

डाउनलोड करें

C4MH (कम्युनिकेशन फॉर मेंटल हैल्थ) कैंपेन

भारत देश में मानसिक रोग की महामारी फैलने की कगार पर है। WHO की रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया में भारत ही सबसे ज़्यादा उदासीन देश है।

10 में से 1 भारतवासी अपने जीवन में कभी न कभी किसी गंभीर मानसिक बीमारी से पीड़ित होता है। लेकिन जब बात उदासीनता और चिंता जैसी सामान्य मानसिक स्वास्थ्य परेशानियों की हो, तो 4 में से 1 भारतीय इसका शिकार होता है। इनमें से लगभग 75% लोग न तो अपनी बीमारी को समझ पाते हैं, और न ही मानसिक स्वास्थ्य सम्बन्धी सेवओं का उपयोग कर पाते हैं।

ऐसे में इसका समाधान क्या है?

इसका समाधान है कि इसके बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जागरूकता फैलाई जाए, लोगों की क्षमताओं का निर्माण किया जाए, खुद की सहायता करने के तरीके सीखे जाएँ और इन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए बढ़ती हुयी टेलिकॉम टेक्नोलाजी का इस्तेमाल किया जाए।

इन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए, माइंड स्पेशलिस्ट्स ने लेडी इरविन कॉलेज (दिल्ली यूनिवर्सिटी) के विकास संचार एवं विस्तार विभाग और रिचमंड फ़ेलोशिप सोसाइटी (दिल्ली) के साथ मिलकर C4MH (कम्युनिकेशन फॉर मेंटल हैल्थ) कैम्पेन का आरंभ किया है।

विस्तृत जानकारी

आपके प्रोत्साहन के लिए

इस उत्साहजनक और अद्भुत समुदाय का हिस्सा बनें। किसी प्रेरक लेख या तस्वीर का योगदान दें और आज किसी के दिन को उज्ज्वल करें।

कुछ शेयर करना चाहते हैं?
इस सेक्शन में योगदान दें, हमें ख़ुशी होगी!

मानसिक स्वास्थ्य के विषय में बातचीत

  • Workplace Spirituality: Why & How it Works like a Charm

    When reading the slowly increasing bulk of research literature about the positive results of workplace spirituality – it is a wonder that researchers are not out there shouting it from the rooftops! Academics speak of ‘groundbreaking work’ and positive results (van der Walt & De...

  • ‘Always On’ work culture is affecting mental health of Indians

    The growing ‘always on’ work culture has cost employees their mental health. And, it isn’t helping productivity either. “The underlying motivation for working all these hours is not actually to produce high-quality work. In fact, there’s a lot of evidence to suggest that it’s going...

  • Children Won’t Say They Have Anxiety, They Say ‘My Stomach Hurts!’

    As children grow and develop, they experience a number of emotional reactions that they know are different or even negative feelings, but they haven’t the experience to understand what they are dealing with. However, they will let us know when something is wrong even when...