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स्वस्थ बुज़ुर्गावस्था

यह ज़रूरी नहीं है कि बढती उम्र एक बोझ हो और साथ ही इसका ये मतलब भी नहीं कि यह समाज में अपना योगदान देने के लिए किसी व्यक्ति की क्षमता को कम करती है। वृद्ध लोग शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर समाज का सक्रीय हिस्सा बन सकते हैं और एक उच्च व स्वतंत्र जीवन का आनंद ले सकते हैं। पोषण, व्यायाम, उपचार और जीवनशैली में निरंतर व लगातार विकल्पों द्वारा इसे हासिल करना बेहद आसान है।

Healthy Ageing